कंप्यूटर क्या होता है ? कंप्यूटर की परिभाषा।

हेलो दोस्तों स्वागत है आपका Hindverse पर आज का हमारा topic है  ” कंप्यूटर क्या होता है ? what is computer in hindi ? और कंप्यूटर की परिभाषाdefination of computer in hindi.” जब भी कंप्यूटर शब्द का इस्तेमाल होता है तो अक्सर लोगो के दिमाग में desktop PC ही आता है।

लेकिन कंप्यूटर का मतलब सिर्फ PC या Laptop ही नहीं होता है। बल्कि हम कंप्यूटर से पूरी तरह से ही घिरे हुए है जैसे हमने ATM machine से पैसे निकले तो वो भी कंप्यूटर की मदद से ही होता है या कोयी हिसाब करने के लिए calculator का इस्तेमाल करते है तो भी कंप्यूटर से ही करते है क्यूंकि calculator भी एक तरह का कंप्यूटर ही होता है।

अब तो smart phone को भी कंप्यूटर कह सकते है क्यूंकि इसमें भी हम लगभग वो सरे काम कर पाते है जो एक कंप्यूटर में करते है। आप सोच रहे होंगे की ये जानकारी तो मुझे पहले से ही पता है इसमें क्या जानना लेकिन ऐसा नहीं है कंप्यूटर सिर्फ इतना ही नहीं है बल्कि अब भी ऐसी बोहोत सी बाते है जो शायद आपको नहीं पता हो।

तो आज इस article में, मैं आपको कंप्यूटर के इतिहास से लेकर अबतक की सारी जानकारी देने वाला हु तो हमारे साथ बने रहिये और इस article को पूरा पढ़िए। तो चलिए शुरू करते है :

 

कंप्यूटर क्या है ? (What is computer in hindi ?)

Computer शब्द लैटिन भाषा के compute शब्द से बना है जिसका मतलब होता है “गढना करना” यानि हिसाब करना। कंप्यूटर एक ऐसा device है जो किसी के द्वारा दीये गए निर्देश को लेकर उस काम को पूरा करता है, इसके मुख्य रूप से तीन काम होते है 1. input , 2. process , 3. output.

Input का मतलब होता है आप ने जो काम दिया है उसको स्वीकार करना।

Process का मतलब होता है उस काम को करना।

Output का मतलब होता है आपके द्वारा दिए गए काम को पूरा करके दिखाना।

चलिए इसको और अच्छे से समझते है। अब मान लीजिये एक Desktop PC है तो आपने उसमे keyboard से type करके या mouse से click करके कंप्यूटर को कोई निर्देश दिया जिसका मतलब है आपने कंप्यूटर में कुछ input किया और अब कंप्यूटर आपके input को समझने के लिए बोहोत सी calculation करेगा जिसका मतलब वो आपके निर्देश को process कर रहा है अब निर्देश को समझने के बाद कंप्यूटर उसे monitor पर show करेगा यानि अब वो आपके input के हिसाब से आपको output दिखायेगा।

कंप्यूटर में बोहोत सारे काम कर सकते है जैसे E-mail, listening audio and viewing video, play games, database preparation etc. और इन सब कामो के लिए भी कंप्यूटर बोहोत सारी calculation करता है और ये सारी calculation वो सिर्फ कुछ second में ही कर देता है।

Computer का इस्तेमाल अब हर जगह होता है जैसे banks में , railway में , offices में और यहाँ तक की army में भी अब तो कंप्यूटर का ही इस्तेमाल होता है और आने वाले time में इसका उपयोग और भी बढ़ता ही जायेगा।

 

कंप्यूटर का इतिहास। (History of computer in hindi.)

कंप्यूटर क्या है ? (What is computer in hindi ?)
First computer

जिस कंप्यूटर को हम आज जानते है इसकी शुरुआत 19th century से ही हो गयी थी और इसे एक English mathematics professor Charles Babbage ने बनाया था। उन्होंने एक Analytical Engine design किया था जो एक basic framework था जिस पर आज कल के ज़्यादातर कंप्यूटर based है।

आमतौर पर कंप्यूटर की 3 generations रह चुकी है और हर generation में ही हमे या तो और improve कंप्यूटर मिला है या फिर पुराने कंप्यूटर में ही कुछ नयी improvement देखने को मिली है।

 

Generation of computers

 

First generation 1937 – 1946 :

1937 में पहला electronic digital कंप्यूटर बना था जिसे Dr. John V. Atanasoff और Clifford Berry ने बनाया था। इस कंप्यूटर को Atanasoff-Berry (ABC) के नाम से जाना जाता था। 1943 में miltary के लिए एक कंप्यूटर बनाया गया जिसका नाम था colossus, 1946 में पहला general-purpose digital कंप्यूटर बना था जिसका नाम था Electronic Numerical Integrator and Computer (ENIAC). इस कंप्यूटर का वज़न 30 ton था और इसमें 18000 vaccum tubes थी जो processing के काम में आती थी। जब इस कंप्यूटर को पहली बार turned on किया गया था तो philadelphia के एक section की लाइट ही चली गयी थी। इस genration के कंप्यूटर सिर्फ single task ही कर पाते थे और इनमे कोई operating system भी नहीं था।

 

Second generation 1947 – 1962 :

इस generation के कंप्यूटर में vaccum tubes की जगह transistors इस्तेमाल किये जाते थे जो की ज़्यादा भरोसेमंद थे। 1951 में पहला commercial use के लिए कंप्यूटर आम जनता के लिए launch किया गया जिसका नाम था Universal Automatic Computer (UNIVAC 1). 1953 में  International Business Machine (IBM) 650 और  700 series के computers ने कंप्यूटर की दुनिया में अपनी छाप छोड़ दी थी। इस generation के कंप्यूटर के टाइम पर 100 से भी ज़्यादा computer programming languages developed हो गयी थी इन कंप्यूटर में memory और operating system भी था। 

 

Third generation 1963 – वर्तमान :

Integrated circuit के आविष्कार से हम third generation के कंप्यूटर तक पहुंचे। इस आविष्कार से कंप्यूटर बहुत छोटे , powerful और , और भी ज़्यादा भरोसेमंद हो गए थे। अब ये एक ही समय में अलग-अलग programs भी चला पाते थे। 1980 में Microsoft Disk Operating System (MS-Dos) बना और 1981 IBM ने Personal Computer (PC) बनाया जो की घरो और offices में काम में आता। इसके 3 साल बाद Apple co. ने Macintosh Computer बनाया और 90 के दशक में हमे Windows opearating system मिला।

जैसे-जैसे इसमें बदलाव होते गए ये हमारे और भी काम का बनता गया और आज कंप्यूटर हमारे ज़्यादातर सभी कामो को कर देता है। कंप्यूटर बहुत ही काम का tool है जो की आने वाले समय में और भी ज़्यादा बेहतर होता जायेगा।

 

भारत का पहला कंप्यूटर। (First computer in india in hindi)

भारत का पहला कंप्यूटर। (First computer in india in hindi)
India’s first computer

इंडिया ने अपना पहला कंप्यूटर 10 लाख रूपए में 1956 में ख़रीदा था। इस कंप्यूटर का नाम HEC-2M था और ये कलकत्ता के Indian Statical Institute में लगाया गया था। इस कंप्यूटर में ज़्यादा कुछ नहीं हो पाता था बस कुछ numbers ही calculate हो पाते थे। ये size में बहुत बड़ा था ये 10 ft. लम्बा , 7 ft. चौड़ा और 6 ft. ऊंचा था।

इस कंप्यूटर ने वार्षिक और पंच वर्षीय योजनाए बनाने औ इंडिया के top secret project nuclear program में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसके अलावा इसी कंप्यूटर से ही इंडिया की पहली कंप्यूटर professional generation बनी। HEC-2M आज के कंप्यूटर से करीब-करीब 10,000 गुंडा slow होगा लेकिन फिर भी इसी ने ही इंडिया में developement की शुरुआत की थी।

 

भारत का पहला सुपर कंप्यूटर। (First super computer in india)

भारत का पहला सुपर कंप्यूटर। (First super computer in india)
India’s first supercomputer

इंडिया का super computer program 1980 में शुरू हो गया था क्यूंकि Cray के Super Computer को इंडिया में भेजने पर रोक लगा दी गयी थी क्यूंकि ये बहुत advanced कंप्यूटर था और ये देश की developement में भी काम आ सकता था। 

Cray पर रोक लगने के बाद भारत ने अपना खुद का supercomputer बनाया जिसका नाम PARAM 8000 था और ये कंप्यूटर  Centre for Development of Advanced Computing (C-DAC) ने july 1, 1991 को launch किया था इसे इंडिया का पहला supercomputer कहा जाता है।

 

कंप्यूटर के प्रकार। (Types of computer in hindi)

अब आप कंप्यूटर के बारे में बहुत कुछ जान चुके है लेकिन क्या आपको ये पता है की कंप्यूटर कितने प्रकार के होते है ? फ़िक्र मत कीजिये मैं आपको ये भी बताने वाला हु की कंप्यूटर कितने प्रकार के होते है।

Minicomputer –

Minicomputers mid sized कंप्यूटर होते है , ये size और power में कम होते है और ये multiprocessing capable होते है जो की एक बार में 4 से लेकर 200 users को भी सपोर्ट कर सकते है लेकिन अब minicomputer का इस्तेमाल कम हो गया है और ये अब सर्वर के साथ मिलकर काम करते है।

Personal Computer (PC) –

जैसे आपके घर में desktop computer है वो भी एक PC है। ये सिर्फ एक ही user का होता है और इसकी कीमत, power सब एक user की ज़रूरत के हिसाब होती है ये अब चाहे इसकी कीमत 5,000 हो या 50,000 इसे अपनी मर्ज़ी से एक user modified कर सकता है और इससे वो जो काम करना चाहे कर सकता है।

 

Workstation –

ये कंप्यूटर PC से बहुत ज़्यादा fast और powerful होता है। ये business या professional use में ज़्यादा काम आता है। workstation ज़्यादातर छोटी-छोटी engineering companies , architects , graphics designer और दूसरी कोई organization या department इस्तेमाल करते है क्यूंकि इसमें वो कोई भी software जैसे (CAD/CAM) या कोई दूसरी application जिसमे ज़्यादा cpu power खर्च होती हो और उसमे high graphics की ज़रूरत पड़ती हो को आसानी से इस्तेमाल कर सकते है।

 

Supercomputer –

Supercomputer अब तक के सबसे fast कंप्यूटर है। ये बहुत ही मेहेंगे होते है और ये खासतौर से उन कामो में आते है जिनमे बहुत ज़्यादा mathematical calculation करना पड़ती है जैसे : weather forcasting , scientific simulations graphics , fluid dynamic calculations , परमाणु energy research etc.

 

Mainframe –

Mainframe बहुत ही बड़े और मेहेंगे कंप्यूटर होते है जो की एक साथ 100 या फिर 1000 users तक को भी संभाल सकता है। Mainframe और supercomputer में यही फर्क होता है की supercomputer अपनी सारी power सिर्फ कुछ ही programs को जितना fast हो सके उतना fast चलने में लगा देता है और वही mainframe अपनी सारी power को कई programs को चलाने में लगा देता है। कुछ चीज़ो में तो mainframe supercomputer से भी ज़्यादा fast होते है।

 

कंप्यूटर के पार्ट्स। (Computer parts name in hindi.)

कंप्यूटर के प्रकार। (Types of computer in hindi)

आप अब लगभग कंप्यूटर के बारे में सब कुछ जान चुके है तो चलिए अब ये भी जानते है की एक कंप्यूटर में basic कितने parts होते है और उनके क्या-क्या काम होते है। अब ये तो सबको पता होता है की कंप्यूटर के साथ क्या-क्या होता है जैसे Keyboard , Mouse , Monitor , CPU etc. लेकिन मैं इन parts की बात नहीं कर रहा हु बल्कि मैं आपको बताऊंगा की computer के दिमाग  यानि CPU में कोनसे parts होते है।

 

Motherboard –

Motherboard को main board भी कहते है। Motherboard कंप्यूटर सिस्टम का सबसे आवश्य्क पार्ट होता है क्यूंकि यही system के बाकि components को आपस में जोड़ता है।

 

RAM  (Random Access Memory) –

RAM कंप्यूटर सिस्टम की short term memory होती है इसमें कंप्यूटर का डाटा save रहता है जिसे CPU जल्दी से access कर पाए। यह कंप्यूटर की मैं मेमोरी होती है और इसमें से दूसरे storage जैसे Hard Disk के मुक़ाबले बहुत फ़ास्ट डाटा को read और write कर सकते है।

 

Processor –

जैसे CPU को कंप्यूटर सिस्टम का दिमाग कहा जाता है वैसे ही CPU का दिमाग होता है processor, ये सिस्टम में हो रही सारी activities पर नज़र रखता है। Processor कंप्यूटर के सभी hardware और software के काम को control करता है।

 

Hard Disk –

Hard disk जिसे disk drive या hard disk drive भी कहा जाता है में कंप्यूटर का सारा data store होता है अब चाहे वो कोई file हो या कोई software हो। यहाँ तक की सिस्टम का operating system भी hard disk में ही install होता है। 

PSU (Power Supply Unit) –

PSU एक ऐसा component होता है जो CPU के हर part तक power पोहोचता है।

तो ये थे एक CPU के basic component जिनके बिना कंप्यूटर नहीं बन सकता।

 

What is computer in hindi ? पर हमारी सोच।

हम जितने advanced होते जा रहे है उतना ही computer का इस्तेमाल बढ़ता जा रहा है और आने वाले time में और भी ज़्यादा आधुनिक कंप्यूटर बनेंगे। पहले के समय में कंप्यूटर एक पूरी building के बराबर होते थे और आज तो वो smart watch के रूप में हमारी कलाई में ही समां जाते है और आने वाले टाइम में तो ऐसे कंप्यूटर भी बनेंगे जिसे हम सिर्फ अपनी सोच से ही control कर पाएंगे।

ये artcile “Types of computer in hindi” , “कंप्यूटर क्या होता है ? कंप्यूटर की परिभाषा।” आपको केसा लगा और आपके मन में कंप्यूटर को लेकर अब भी कोई सवाल या सुझाव है तो हमे comment करके ज़रूर बताए और इस article को अपने friends और family के साथ भी ज़रूर शेयर करे।

 

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